Feb 17, 2009

दोस्तों नमस्कार, मैं आज अपने पहले पोस्ट में बोर्ड परीक्षायों के बारे में कुछ टिप्स लाया हूँ ! जिससे कि परीक्षायों में पहली बार बैठने वाले भाईयों को कुछ मदद मिले ! कोई भी समस्या तथा प्रश्न के लिए कमेन्ट के जरिये जरूर बताये !पता होगा कि उत्तरीय राज्यों में बोर्ड परीक्षायों का समय निकट है ! इसलिए अब शार्प तैयारी कि बारी है तो आईये आज तैयारी कि ही बात करते है !=================###########==============
तय करे अपना टारगेट : यदि बोर्ड परीक्षायों में कुछ कर दिखाने का मन है तो अपने टारगेट के बारे में क्लियरमाईंड रखे ! आपको कितने परसेंटेज चाहिए, कौन सी पोजीशन चाहिए, कम से कम किसके बराबर आना है, ऐसे टारगेट तय कर लेने से आपको उसी के अनुसार तैयारी करने में मदद मिलेगी !सफलता कि कुंजी (परिश्रम ): १। मन लगाकर हर विषय पढ़े ! पढ़ाई को कभी हौबा न समझें ! तबियत ख़राब न हो जाए ,इसलिए समय पर पौष्टिक भोजन ले !२। एक बार में एक ही विषय पढ़े ! हर विषय के लिए दिन बाँट ले ! फिजिक्स तथा मैथ्स के न्यूमेरिकल्स करते रहे ! ख़ुद को फ्रेश रखने के लिए टीवी देखे लेकिन लिमिट में !३। लिख लिख के उत्तर देने कि प्रक्टिस करना बहुत जरूरी है !जो लेशन पहले से याद है , उसे अच्छी तरह से याद करना चाहिए ! क्योकि जो चीज छूट गई है ,उसे बाद में पढ़ने से कन्फ्यूजन हो सकते है !४. जो उत्तर ज्यादा नम्बर का आता है उसे ज्यादा ध्यान से तैयार करे ! देर रात तक ना पढ़े , सुबह जल्दी उठने कि आदत डाले !५. हर ४५ मिनट कि पढ़ाई के बाद ५ या १० मिनट का ब्रेक ले !६. परीक्षायों में बढ़िया सफलता के लिए जुझारू होना बहुत जरूरी है !तो दोस्तों मन से तैयारी करते रहिये तथा मेरी अगली पोस्ट का इंतज़ार करिए !



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5 comments:

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर said...

अच्छी और सच्ची सलाहें दी आपने !!

मेरी तरफ़ से भी शुभकामनायें!!

अनुनाद सिंह said...

केवल अपनी मेहनत से काम न लें बल्कि अपने साथियों से पूछें; उन्हें समझायें; 'स्टडी सर्किल' बनाकर पढ़े - अर्थात किसी टॉपिक के फण्डे कोई समझ ले, किसी के कोई और । इसके बाद आपस में मिलकर चर्चा करें।

खूब चर्चा करें; प्रश्न करने में कभी स्ंकोच न करें; आंकिक प्रश्न हल करने का अभ्यास करें। जानकारी से अधिक महत्व समय के अन्दर उत्तर देने का है। इसलिये समय प्रबन्धन का अभ्यास करें - इसके लिये दस-पन्द्रह दिन बाद घड़ी से समय देखकर पर्चा हल करने की कोशिश करें और देखें कि क्या आप जानते हुए भी निर्धारित समय के अन्दर पर्चा हल नहींकर पा रहे हैं?

बोलने और अपने विचारों को स्पष्ट रूप से कम शब्दों में व्यक्त करने का अभ्यास भी करते रहना चाहिये। यह जीवन की बहुत बड़ी आवश्यकता है।

विष्णु बैरागी said...

अनुनादजी जैसे टिप्‍पणीकार हों तो पोस्‍ट सोने में सुहागा हो जाती है।

रंजन said...

बहुत अच्छा.. तुम भी पालन करना इन सब का:)

नटवर सिंह राठौड़ said...

अनुनाद जी बढ़िया टिप्पणी देने के लिए सुक्रिया ! आपने इतना समय निकाला इसके लिए आभारी हूँ ! आपकी टिप्पणी से मुझे काफी कुछ सीखने को मिला ! मैं भी छात्र हूँ !मेरी उम्र १९ साल है ! आप सभी लोगों का आशीर्वाद तथा सहयोग चाहिए ! जो बखूबी मिल रहा है !
--------- धन्यवाद