और भी हथियार हैं हमारे पास......

Dec 1, 2008


मुम्बई में जो कुछ हुआ है वो सब एक श्रंखला ही हिस्सा है और अगर हम ऐसे ही सोते रहे तो आगे भी हो सकता है जब कोई धमाका होता है, हम कहते है कि हमे पता था और ये सब सीमापार से हो रहा है अरे जब तुम्हें पता ही कि सीमापार से सब होता है तो उसका कुछ इलाज़ क्यों नही करते कहने का मतलब यह नही कि बिना सोचे विचारे सैन्य कार्यवायी कर दी ,पहले हमारे पास जो दुसरे हथियार है उनका प्रयोग करे जैसे सिन्धु नदी जो कि हमारे देश से जाती है क्यों ना हम उसका भरपूर उपयोग करे, क्यों ना हम उन्हें अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी में नीचा दिखाए, क्यों ना हम उन्हें कूटनीति से मारे याद करो शीत युद्ध को कोई मिसयाले नही चली थी उसमे और एक तरह से अमेरिका ने रूस को जमीन में मिला दिया अरे भाई कुछ ना कुछ तो इनपुट देना ही है तभी तो आउटपुट मिलेगा और भी रास्ते है ,और हाँ पब्लिक में गाने कि जरूरत नही, अगर आप कुछ अच्छा करेगे तो सब पता चल जाएगा

2 comments:

Ratan Singh Shekhawat said...

कूटनीति ही तो नही आती हमारे नेताओं को | यदि आती तो ये दिन नही देखने पड़ते |

कृपया वर्ड वेरिफिकेशन हटा ले ताकि टिप्पणीकारों को सुविधा रहे |

Udan Tashtari said...

कैसी कूटनीति...बहुत हुआ अब! अब वो लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे.